The Intelligent Investor हिंदी में अनुवाद - अपने वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करें! मूल्य आधारित निवेश की रणनीति सीखें और दीर्घकालिक सफलता प्राप्त करें।
The Intelligent Investor in Hindi PDF Download
दइंटेलिजेंट इन्वेस्टर (The Intelligent Investor) : क्या आपने कभी स्टॉक मार्केट में निवेश करने के बारे में कभी सोचा है। लेकिन ज्यादा स्टॉक मार्किट की ज्यादा जानकारी ना होने के कारण, आपने कभी रिस्क ही नहीं लिया। लेकिन अगर आपसे कहा जाए कि इन्वेस्टमेंट की नॉलेज के बगैर भी आप अपने पैसे को इन्वेस्ट कर सकते हैं और उसी के साथ आप बहुत सारे पैसे भी कमा सकते हैं। तो क्या आप निवेश करने में रूचि लेना चाहेंगे। निवेश सम्बन्धी रणनीतियों को जानने के लिए आपको इस किताब को अवश्य पढ़ना चाहिए।
दुनिया के जितने भी बड़े-बड़े इन्वेस्टर हैं। उन सभी ने The Intelligent Investor को जरूर पढ़ा है। वरन बुफेट ने तो यहां तक कह दिया कि उनकी जितनी भी सफलता है, वे अपनी सारी सफलता का श्रेय इस किताब को देते हैं। इसको इन्वेस्टिंग की दुनिया में बाइबल ऑफ इन्वेस्टिंग भी कहा जाता है। यह एक तरह का इन्वेस्टिंग से संबंधित महान ग्रंथ है।
फाइव स्ट्रेटेजी
ग्राहम ने यहां पर इन्वेस्टमेंट की फाइव स्ट्रेटजी दी है। जिन्हें आप अपने नेचर के हिसाब से फॉलो कर सकते हैं। इसे फॉलो करके आप अच्छे रिटर्न भी हासिल कर सकते हैं।
- पहली रणनीति –
- डिफेंसिव इन्वेस्टर्स को यहां मिनिमम एफर्ट की जरूरत होती है। ना तो यहां पर कोई रिसर्च करनी है, ना ज्यादा दिमाग लगाना है। ना ज्यादा टाइम खर्च करना है। यहां पर आप केवल इंडेक्स फंड में इन्वेस्ट कर दीजिए। इंडेक्स फंड से मतलब है कि आप निफ्टी बेस्ड या बैंक बेस्ड फंड ले सकते हैं। यहां पर आपको रिटर्न भी एवरेज के करीब ही मिलेंगे। या यूं कहे तो जैसा इंडेक्स चलेगा, वैसे ही आपको रिटर्न मिलेंगे। यह मिनिमम एफर्ट वाली स्ट्रेटेजी है। यहां आपको मेहनत बिल्कुल भी नहीं करनी बस आपको इंडेक्स फंड में इन्वेस्ट कर देना है।
- दूसरी रणनीति –
- इस स्ट्रेटेजी में आपको थोड़ी मेहनत करनी है। यह भी डिफेंसिव इन्वेस्टर्स के लिए ही है, इसमें ग्राहम कहते हैं कि आप ऐसी कंपनी में इन्वेस्ट कीजिए। जिसका कम से कम रेवेन्यू 500 मिलियन डॉलर का हो। अगर इससे कम रेवेन्यू है तो इन्वेस्ट मत करिए। उस कंपनी के पास करंट लायबिलिटीज के दो गुने करंट एसेट्स होने चाहिए। उस कंपनी की लॉन्ग टर्म बोरोइंग उसके नेट करंट एसेट से कम होनी चाहिए। वह कंपनी पिछले 10 साल से लगातार प्रॉफिटेबल होनी चाहिए।
- ऐसा ना हो कि वह बीच के एक आधा साल लॉस में रही हो। वह कंपनी पिछले 10 साल से लगातार डिविडेंड पे कर रही हो। इस कंपनी को आपको ऐसे देखना चाहिए। इसके साथ ही वह कंपनी ऐसी होनी चाहिए, जो अपना मिनिमम ईपीएस 10 साल के आधार पर 1/3 बहा लेती हो। यानी 10 साल के अंदर 33 से 35 प्रतिशत की ग्रोथ दे देती हो। ऐसी कंपनियों में भी आप इन्वेस्ट कीजिए तो ज्यादा से ज्यादा 15 टाइम्स ऑफ अर्निंग के ऊपर मत करिए। या वह अपनी नेट वैल्यू के 1.5 टाइम्स के नीचे चल रही हो। तभी इन्वेस्ट कीजिए। इस स्ट्रेटजी का जब आप पोर्टफोलियो बनाए, तो आपको मिनिमम 10 और मैक्सिमम 30 स्टॉक्स रखना चाहिए।
इसे भी जरूर पढ़े : क्या आप अमीर बनना चाहते हैं?
इस लेख को पूरा पढ़ने के लिए यहाँ क्लीक करे।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें